वित्तरहित अनुदानित शिक्षक कर्मचारियों के मांगों से संबंधित ज्ञापन शिक्षा मंत्री को सौंपा..

पटना। वित्तरहित शिक्षक कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल ने शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी से मिलकर राज्य के हजारों वित्तरहित शिक्षा कर्मियों की भूखमरी एवं शोषण से अवगत कराया। इस गंभीर संकट से मुक्ति हेतु राज्य के वित्तरहित अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों, इण्टरमीडिएट एवं सम्बद्ध डिग्री महाविद्यालयों में कार्यरत हजारों शिक्षा कर्मियों को पिछले 7 वर्षों के बकाये अनुदान का भुगतान करने, अनुदान के बदले वेतनमान देने, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन, माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता बहाल रखने तथा अनुदान को देने के लिए निर्धारित आधारभूत संरचना पूरा करने हेतु तीन वर्षों का समय देने की मांग की। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इन समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा शीघ्र कारवाई का अश्वासन दिया। प्रतिनिधि मंडल ने वित्तरहित शिक्षक कर्मचारी, संयुक्त संघर्ष मोर्चा की ओर से अध्यक्ष मंडल के सदस्य रामविनेश्वर सिंह तथा शम्भू कुमार सिंह के साथ प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ, बिहार के उप महासचिव राजेन्द्र कुमार बनफुल तथा वीरेन्द्र कुमार सिंह शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री को बतलाया कि राहत के रूप में मिलने वाला अनुदान पिछले 7 वर्षों से बकाया है। बकाये अनुदान का एकमुश्त भुगतान के साथ वेतन, पेंशन के लिए भी मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमिटि गठित है, साथ ही इन सवालों को लेकर बिहार विधान परिषद की शिक्षा समिति में भी अपनी अनुसंशा राज्य सरकार को भेज चुकी है। प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री को बधाई देने के साथ-साथ यह विश्वास व्यक्त किया है कि वित्तरहित शिक्षा कर्मियों की समस्या का समाधान हो सकेगा। इसके पूर्व मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी एवं उच्च शिक्षा मंत्री से मिलकर इस गंभीर संकट के समाधान का गुहार लगा चुका है।

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