सहरसा। बिहार सरकार के राजस्व मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल के अध्यक्षता में जिला कार्यक्रम क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। पहली बार उनके सहरसा आने के कारण सभी विभागों की बारी-बारी से समीक्षा नहीं हो पाई। केवल आधे विभागों की समीक्षा की गई।उन्होंने बताया कि सर्वप्रथम शिक्षा विभाग के बारे में समीक्षा की गई।यहां शिक्षा विभाग की स्थिति काफी लचर है। जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा आधे अधूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर उन्हें फटकार लगाते हुए बाहर का रास्ता दिखाया। उन्हें अगले बार विस्तृत रिपोर्ट लाने का निर्देश दिया गया। इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग के समीक्षा के क्रम में बहुत सारी खामियां देखने को मिली। उन्होंने कहा कि जिले में मॉडल अस्पताल होने के बावजूद यहां के आर्थोपेडिक सर्जन द्वारा आज तक एक भी ऑपरेशन नहीं किया गया है। जबकि वही डॉक्टर प्राइवेट में मरीज का ऑपरेशन करते हैं। प्रभारी मंत्री ने इस संबंध में सिविल सर्जन को सभी ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से शो काउज एवं स्पष्टीकरण की कार्रवाई किए जाने का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि बाढ़ के दौरान सभी पीएचसी एवं स्वास्थ्य उपकेंद्र पर सांप काटने की सूई एवं दवाई अवश्य उपलब्ध करायें ताकि आम जनता को कोई परेशानी ना हो सके। उन्होंने कहा कि विगत 15 दिनों के बाद पुन: मै बाढ़ की समीक्षा के लिए आऊंगा। प्रभारी मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि शहर में हो रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए सभी अंचलाधिकारी को निर्देश दिया गया है। साथ ही राजस्व कर्मियों को आगाह किया गया कि अपने कार्यशैली में सुधार लाएं अन्यथा अंजाम भुगतान के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि लोगों के द्वारा ऐसी शिकायतें मिल रही है कि अंचल अधिकारी कार्यालय के मिली भगत से बिचौलिए एवं गलत लोगों को कागजात बनाकर जान-बूझकर भूमि विवाद पैदा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में काफी भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही है। जिसे दूर करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व मंत्री की कुर्सी भ्रष्टाचारी नहीं है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में सुधार के लिए एवं भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए एक दर्जन सीओ के विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही की गई है।वहीं तीन दर्जन से अधिक सीओ के ऊपर विभागीय कार्यवाही के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मेरे मंत्रीत्व काल में भूमि विवाद को सदा के लिए समाप्त करने हेतु जमाबंदी सर्वे कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके लिए 10 हजार बंदोबस्त कर्मी एवं अमीन की बहाली की गई है। जबकि 16 जिले में सर्वे का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। बिहार के सभी जमीन का डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया जा रहा है। जहां एक क्लिक पर आप अपनी जमीन का ब्यौरा प्राप्त कर सकते हैं। प्रभारी मंत्री ने बताया कि बाढ प्रभावित क्षेत्रों में आपदा विभाग की तैयारी सही ढंग से नहीं किया गया है। क्षेत्र में नाव का भी वितरण समुचित ढंग से नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जहां नाव की आवश्यकता है वहां शीघ्र नाव उपलब्ध करायें का निर्देश दिया गया है। समीक्षा के क्रम में प्रभारी मंत्री को पीएचडी विभाग के द्वारा बताया गया कि शहर के सभी घरों में शुद्ध नल जल का पानी उपलब्ध करा दिया गया है। इस बैठक में उपस्थित नगर निगम के मेयर बैन प्रिया ने आपत्ति व्यक्त कर गलत जानकारी देने की बात कही।उन्होंने कहा कि शहर में अधिकांश घरों में नल जल का शुद्ध पानी नहीं पहुंच रहा है। इस बात पर प्रभारी मंत्री ने पीएचईडी विभाग की जमकर फटकार लगाई। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया की सभी घरों में शुद्ध पेयजल यथाशीघ्र पहुंचाये जाने की व्यवस्था करें। साथ ही नल जल योजना के अंतर्गत शहर में तोड़े गए सड़क एवं पक्की नाली को सात दिनों के अंदर दुरुस्त करें। प्रभारी मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि कई योजनाओं में गड़बड़ी को देखते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कस्तूरबा गांधी आवासीय छात्रावास में काफी कमी पाई गई है। जिसके लिए जांच के आदेश दिए गए हैं। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि राज्य के सभी भूमिहीनों को सरकार के द्वारा जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। आज भी कुछ भूमिहीन लोगो को पर्चा प्रदान किया गया है। वहीं इसके लिए नए सिरे से भूमिहीनों की गणना किया जा रहा है। जिसे सरकार के द्वारा भूमिहीन लोगों को चिन्हित कर भूमि बैंक या नए सिरे से जमीन खरीद कर उपलब्ध कराए जाएंगे।

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