सहरसा। जिले के नगर परिषद सिमरी बख्तियारपुर के कार्यपालक द्वारा नियम के विरुद्ध यूट्यूब चैनल,पोर्टल व विभिन्न मीडिया संस्थानों को विज्ञापन के नाम पर लाखों रुपये सरकारी राशि भुगतान करने का मामला आरटीआई से उजागर हुआ है। वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार ने जिलाधिकारी सहरसा,निदेशक सूचना जनसंपर्क विभाग पटना व सचिव नगर एवं आवास विभाग पटना को पत्र प्रेषित कर उपरोक्त मामले के संबंध में कहा है की नगर परिषद सिमरी बख्तियारपुर के कार्यपालक पदाधिकारी राम बिलास दास द्वारा प्रचार प्रसार, उपलब्धि तथा राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त, 26 जनवरी व विभिन्न धार्मिक पर्व, त्योहारों के अवसर पर नियम कानून को दर किनार कर अवैध ढंग से वर्ष 2025 व 2026 में विभिन्न यूट्यूब चैनल,पोर्टल व समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रसारित व प्रकाशन के नाम पर पांच लाख से ज्यादा की सरकारी राशि का भुगतान कर दुरुपयोग किया गया है। उल्लेखनीय है कि समाचार पत्र का पंजीयन आर०एन० आई० (भारत सरकार के प्रेस पंजीयक) के यहां होता है। वहीं समाचार चैनल का पंजीयन सूचना प्रसारण मंत्रालय से होता है। फिर इन्हें विज्ञापन के किए डी ए भी पी से सूचीबद्ध होना पड़ता है। ई ए डी ए भी पी जनसंपर्क विभाग द्वारा विज्ञापन नीति के अनुसार विज्ञापन दिया जाता है। लेकिन कार्यपालक द्वारा उपरोक्त नियमावली को ठेंगा दिखाते हुए सरकार की लाखों रुपये पर चूना लगा दिया गया। जबकि सरकारी विज्ञापन जनसंपर्क विभाग द्वारा दिये जाने का प्रावधान है। वह भी उन्हें जो सी बी सी (पहले डी ए भी पी) की सूची में सूचीबद्ध हैं । सरकार ने जो नीति 2024 में वेव पोर्टल या सोशल मीडिया के लिए बनाया है, उसमें जी एस टी, पेन एवं एनालिटिक्स निर्धारण आदि के आधार पर सरकार उन्हें सूचीबद्ध करती है। इतना ही नही कार्यपालक द्वारा उपरोक्त विषय के संबंध में सामान्य बोर्ड या सशक्त स्थायी समिति की बैठक में प्रस्ताव के बिना ही विज्ञापन दिया गया एवं इसके नाम पर लाखों रुपये की राशि की भुगतान भी कर दी गई। वरिष्ठ पत्रकार ने संबंधित विभाग द्वारा उपरोक्त विषय की जांच कर दोषी कार्यपालक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कर अवैध तरीके से खर्च की गई सरकारी राशि की वसूली एवं कार्यपालक के वेतन से करने की मांग की है।
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