सहरसा । मिथिलांचल के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पुनौरा धाम के विकास के लिए एनडीए सरकार के पहल पर पूर्व सांसद आनंद मोहन ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अयोध्या- पुनौराधाम सर्किट पर काम होगा। उन्होंने कहा कि वृहदविष्णु पुराण में विदेह के साथ तीरभुक्ति का उल्लेख है। मध्यकाल में तीरभुक्ति के साथ तिरहुत और मिथिला का शब्द का जिक्र है। इसी मिथिला के राजा जनक के राज्य में घोर अकाल पड़ा था। साधु संतों ने उन्हें पूण्यारण्य में एक आश्रम के निकट हलेष्टी यज्ञ करने के सलाह दी। राजा जनक जहां से शिवजी का हल लेकर चले थे उसका नाम शिवहर पड़ा। फिर वहां से 26 किलोमीटर पर हल का नासा जहां लगा और मां जानकी प्रकट हुई उस जगह को पूनौरा धाम कहते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस जगह बने मंदिर के पुनरूद्धार के लिए 147 करोड़ रुपया मुहैया कराया। इस लोकसभा चुनाव में मिथिलांचल ने भी 14 सीट एनडीए के झोली में डाला। उन्होंने कहा कि हमने दिल्ली में प्रेस के माध्यम से इस क्षेत्र के विकास की मांग की थी और यह भी कहा कि जय श्रीराम के बदले जय सियाराम नारा लगना चाहिए। क्योंकि यह हमारे मिथिलांचल के भावना से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि बिना सीता के राम नहीं और बिना राम के सीता नहीं। श्री मोहन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुनौरा धाम के लिए 500 करोड़ रुपया देने की घोषणा की है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली खेप है। यानी अभी तो शुरुआत है अब अयोध्या -पुनौरा धाम सर्किट पर काम होगा। इसके लिए हम प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए की सरकार पांच साल तक निर्वाध रुप से चलेगी और विकास के कई महत्वपूर्ण काम होंगे। राहुल गांधी द्वारा यह कहा जाना कि वे कभी सरकार गिरा देंगे यह उनका बचपना बयान है।
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