मोतीहारी। पूर्वी चम्पारण में ग्रामीण डाक सेवकों की बहाली में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा हुआ है। फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर 19 लोगों ने पा ली थी नौकरी। लेकिन नियुक्ति पत्र लेने के बाद केवल योगदान होना बांकी था। लेकिन ठीक उससे पहले मोतिहारी के डाक अधीक्षक डाॅ० आशुतोष आदित्य ने फर्जीवाड़ा का भंडाफोड़ कर दिया। उल्लेखनीय है कि जुलाई 2023 में चम्पारण प्रमंडल के मोतिहारी में ग्रामीण डाक सेवक के 100 पदों पर बहाली निकली गई थी। जिसमें अधिकतर जम्मू कश्मीर बॉर्डर और रबिन्द्र स्कूल ओपेनिंग वेस्ट बंगाल के अभ्यर्थीयों का चयन हुआ था। लेकिन ज्वाइनिंग से ठीक पहले सर्टिफिकेट सत्यापन किया गया तो अभ्यर्थियों का अंक पत्र जाली पाया गया। जिनके विरुद्ध विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसमें 16 अभ्यर्थी जम्मू कश्मीर बोर्ड तथा 3 रविंद्र ओपन स्कूलिंग वेस्ट बंगाल के हैं। 19 अभ्यर्थियों में राकेश कुमार, शिवानी कुमारी, नितेश कुमार तिवारी, नितेश नाथ तिवारी, रिशु कुमार, हरिओम कुमार, मनदीप कुमार दुबे, दीपांशु कुमार, रत्नेश दुबे, उत्सव कुमार, प्रकाश मांझी, खुशी कुमारी, लक्ष्मण कुमार, गोलू कुमार, विभा कुमारी तथा मिथिलेश कुमार का नाम है।जिसमे वेस्ट बंगाल बोर्ड से सोनम कुमारी, नेहा प्रियदर्शनी तथा अमित कुमार के नाम हैं। इससे पूर्व में भी जांच के दौरान रवि रंजन कुमार पिता प्रभु यादव श्यामपुर कोतराहां पश्चिमी चंपारण को जेल भेजा गया था। हालांकि पूर्वी चम्पारण में वर्ष 2015 में भी ज्वाईनिग के बाद 30 डाक सेवकों का माध्यमा प्रमाण पत्र जाली पाया गया था जिसमें सभी को बर्खास्त कर प्राथमिकी दर्ज किया गया था। इस फर्जीवाड़ा बहाली को लेकर डाक अधीक्षक ने बताया कि अभी जो ग्रामीण डाक सेवकों की बहाली हो रही उसमें प्रमाण पत्र के सत्यापन के दौरान 19 लोगों की प्रमाण पत्र फर्जी पाये गये हैं। उन लोगों मे से कुछ अभ्यर्थी पर प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। अन्य अभ्यर्थियों के लिए प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पूर्व में भी 30 लोगों की प्रमाण पत्र फर्जी पाये गये थे। जिसमें सभी को बर्खास्त कर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

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