मंडन भारती कृषि महाविद्यालय में एक दिवसीय प्रखण्ड स्तरीय किसान जागरूकता कार्यशाला आयोजित...


सहरसा। मंडन भारती कृषि महाविद्यालय अगवानपुर में एक दिवसीय प्रखण्ड स्तरीय किसान जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम दीप- प्रज्वलित कर मुख्य अतिथि राजीव भूषण प्रसाद, निदेशक नारियल विकास बोर्ड, पटना एवं अतिथि विनीता रानी का स्वागत पुष्प गुच्छ एवं शॉल से प्राचार्या डा० अरूणिमा कुमारी द्वारा किया गया। अपने संबोधन में प्राचार्य ने किसानों से नारीयल पौधा लगाने का आग्रह किया। नारीयल की उपयोगिता, महत्व एवं उससे विभिन्न तरह के बनने वाले उत्पादों के बारे में जानकारी दी और कहा कि नारीयल को कल्पवृक्ष की संज्ञा दी गयी है। नारीयल के पौधा का पूरा भाग अर्थात फल के साथ-साथ पत्तियों एवं बचे हुए अवशेषों से विभिन्न तरह के उत्पाद बनते है। ऐसे तो भारत के दक्षिणी भाग अर्थात कर्नाटक, केरल, तमिलनाडू आदि राज्य में खेती बहुतायत से होती है। विश्व में नारियाल उत्पादन में भारत का स्थान प्रथम है। जहां दक्षिणी भाग अनुकूल है उसी तरह, बिहार के कोशी क्षेत्र में सहरसा, पूर्णिया, खगड़िया, मधेपुरा, कटिहार नारियाल की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु है। इस सेमिनार में निदेशक राजीव भूषण प्रसाद ने नारियल के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दिया साथ ही सरकार द्वारा संभावित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दिया। इस एक दिवसीय सेमिनार के आयोजन नारियल विकास बोर्ड, कृषि एवं किसान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया है। भारती मंडन कृषि महाविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ० मुकुल कुमार, डॉ० राजेश कुमार, डॉ० अमित पाण्डेय, डॉ० अरशद अनवर ने अपना-अपना वक्तव्य वैज्ञानिक विधि से नारियल की खेती करने के तकनीकों के बारे में जानकारी दिया। तकनीकी अधिकारी विनीता रानी ने सरकार द्वारा दिये जानेवाले अनुदानों एवं लगाने कि विधि के बारे में जानकारी दिया। इस कार्यक्रम में सहरसा जिला के विभिन्न प्रखंडों से लगभग सौ किसानो ने भाग लिया। सभी किसानों ने अपने-अपने घरों के आस-पास 10-10 पौधा लगाने के लिए इच्छा जाहिर किया। इस कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्रांगण में 20 पौधा लगाया गया है।

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