उच्च शिक्षा विधेयक-2026 के विरोध में एमएलटी कॉलेज के शिक्षकों का प्रदर्शन...

सहरसा। बिहार सरकार द्वारा प्रस्तावित "उच्च शिक्षा विधेयक, 2026" के तहत बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 में किए जाने वाले संशोधनों के विरोध में सोमवार को एमएलटी कॉलेज, सहरसा के शिक्षकों ने महाविद्यालय परिसर में शांतिपूर्ण एवं सांकेतिक विरोध-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व महाविद्यालय शिक्षक संघ के सचिव एवं सीनेट सदस्य डॉ. संजीव कुमार झा ने किया।

प्रदर्शन के दौरान डॉ. संजीव कुमार झा ने कहा कि प्रस्तावित संशोधनों में अंगीभूत डिग्री महाविद्यालयों एवं स्नातकोत्तर विभागों के लिए पृथक संवर्ग के गठन तथा विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक स्वायत्तता और शिक्षकों के वैधानिक अधिकारों को प्रभावित करने वाले प्रावधान शामिल हैं। इन प्रस्तावों को लेकर राज्यभर के शिक्षकों में गहरी चिंता और असंतोष व्याप्त है।

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा आवश्यक है। यदि विधेयक को वर्तमान स्वरूप में लागू किया गया, तो इससे शिक्षण, शोध, प्रशासनिक व्यवस्था तथा उच्च शिक्षा के समग्र वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

शिक्षक संघ ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि विधेयक को अंतिम रूप देने से पूर्व शिक्षकों, विश्वविद्यालयों तथा संबंधित हितधारकों से व्यापक विचार-विमर्श कर उनकी आपत्तियों एवं सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि शिक्षकों की न्यायोचित मांगों और चिंताओं का समाधान नहीं किया गया, तो राज्यव्यापी लोकतांत्रिक आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

प्रदर्शन में डॉ. विनीत शर्मा, डॉ. अन्नू कुमारी, डॉ. वीणा कुमारी, डॉ. बिजेन्द्र झा, डॉ. दीप्ति कुमारी, डॉ. राम नरेश रॉय, डॉ. कविता कुमारी, डॉ. अनीता कुमारी, डॉ. संजय कुमार, डॉ. अपर्णा कुमारी सहित महाविद्यालय के अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।

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